नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस के रुख पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का वंदे मातरम् का सम्मान करने से इनकार करना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संवैधानिक दृष्टि से भी गंभीर विषय है।
संसद और संविधान के प्रति निष्ठा पर उठाए सवाल
सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो साझा कर कहा कि संसद देश की सर्वोच्च संस्था है और संसद से पारित कानून सभी के लिए बाध्यकारी होते हैं। ऐसे में किसी कानून या संवैधानिक व्यवस्था को मानने से इनकार करने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था की संविधान के प्रति निष्ठा पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान करने से इनकार करने पर देशभक्ति को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं।
1937 के प्रस्ताव का किया जिक्र
उन्होंने कांग्रेस के 1937 के प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस ने मुस्लिम लीग की कट्टरपंथी मांगों के आगे समझौता किया था। इस तरह के समझौतों का नुकसान आगे चलकर देश को विभाजन के रूप में उठाना पड़ा। कट्टरपंथी तत्वों के दबाव में किया गया समझौता हमेशा देश के लिए नुकसानदायक रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी इसी तरह का रुख अपना रही है, जो देश के भविष्य के लिए चिंता का विषय है।
कांग्रेस के फैसले को बताया निंदनीय
सिंह ने कांग्रेस के फैसले को असंवैधानिक और निंदनीय बताते हुए कहा कि वंदे मातरम् का विरोध करके कांग्रेस ने अपने राजनीतिक इरादे देश के सामने स्पष्ट कर दिए हैं।
