दुमका। राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव के 19वें दिन सावन की तीसरी सोमवारी पर बाबा बासुकीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शाम पांच बजे तक कुल 1,81,984 श्रद्धालुओं ने बाबा बासुकीनाथ का जलार्पण किया। शीघ्रदर्शनम के माध्यम से 2,483 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया। इससे 12,41,500 रुपये की आय हुई। वहीं, गोलक से 1,44,670 रुपये और अन्य स्रोतों से 16,170 रुपये प्राप्त हुए।
डीसी ने कंट्रोल रूम से लिया मेला क्षेत्र का जायजा
तीसरी सोमवारी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित तरीके से जलार्पण कराने के लिए मेला क्षेत्र में व्यापक व्यवस्थाएं की गईं।
डीसी अभिजीत सिन्हा ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर विधि-व्यवस्था, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कंट्रोल रूम पहुंचकर सीसीटीवी के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की। इस दौरान श्रद्धालुओं की भीड़, कतार की स्थिति, प्रवेश और निकास मार्ग, बैरिकेडिंग, जलार्पण तथा यातायात व्यवस्था की जानकारी ली गई।
डीसी ने कंट्रोल रूम में मौजूद पदाधिकारियों से मेला क्षेत्र की पल-पल की स्थिति की जानकारी ली और भीड़ बढ़ने वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों और पुलिस बल को अपने निर्धारित कर्तव्य स्थल पर पूरी मुस्तैदी से मौजूद रहने को कहा। साथ ही श्रद्धालुओं की कतार व्यवस्थित रखने और निर्धारित मार्ग से ही आवागमन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की
एसपी पीताम्बर सिंह खेरवार भी मेला क्षेत्र में मौजूद रहकर सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की निगरानी करते रहे। उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण कर पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
मेला क्षेत्र में तैनात पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारियों को श्रद्धालुओं के साथ सहयोगात्मक व्यवहार करने तथा उन्हें आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिला प्रशासन की ओर से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। भीड़ की स्थिति के अनुसार सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में आवश्यक बदलाव भी किए जा रहे हैं। श्रद्धालु निर्धारित कतार और अर्घा व्यवस्था के माध्यम से बाबा बासुकीनाथ का जलार्पण कर रहे हैं।
