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Monday, July 27, 2026

प्रधानमंत्री मोदी ने अच्छे चरित्र को बताया सम्मान और नेतृत्व की नींव, साझा किया सुभाषितम्

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक प्राचीन सुभाषितम् साझा करते हुए समाज में अच्छे चरित्र और नैतिक मूल्यों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि एक शीलवान (उत्कृष्ट चरित्र वाला) व्यक्ति न केवल समाज में सच्चा सम्मान प्राप्त करता है, बल्कि वह हर प्रकार की बड़ी जिम्मेदारी निभाने के योग्य भी बनता है। प्रधानमंत्री ने अच्छे चरित्र को ही स्थायी सफलता, प्रभावी नेतृत्व और अटूट विश्वास की सबसे मजबूत आधारशिला करार दिया।

सुभाषितम् के जरिए दिया नैतिक आचरण का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने श्लोक साझा करते हुए लिखा— “शीलवान् पूजितो लोके शीलवान् साधुसम्मतः। शीलवान् सर्वकर्मार्हः शीलवान् प्रियदर्शनः॥” इसका अर्थ स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि अच्छे चरित्र वाला व्यक्ति समाज में पूजनीय होता है और सज्जन पुरुषों का आदर प्राप्त करता है। ईमानदारी, विनम्रता और अनुशासित जीवन ऐसे व्यक्ति को किसी भी बड़े और महत्वपूर्ण दायित्व को निभाने के पूरी तरह काबिल बनाते हैं।

अनुकरणीय व्यक्तित्व ही दिलाता है दीर्घकालिक सफलता

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि उत्कृष्ट चरित्र वाले व्यक्ति का व्यक्तित्व दूसरों के लिए प्रेरणादायी और अनुकरणीय बन जाता है। जीवन में स्थाई सफलता, समाज का भरोसा और एक प्रभावी नेतृत्व क्षमता हासिल करने के लिए व्यक्ति का चरित्र ही उसकी सबसे बड़ी ताकत होता है।

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