रांची। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एफजेसीसीआई) की फायर एंड डिजास्टर सब-कमेटी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य में बढ़ती बहुमंजिला इमारतों, घनी आबादी वाले बाजारों और आगजनी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए अग्निशमन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की जरूरत पर चर्चा की गई।
हाईराइज इमारतों के लिए आधुनिक उपकरणों की मांग
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि रांची सहित झारखंड के प्रमुख शहरों में हाइड्रोलिक एरियल लैडर फायर टेंडर की व्यवस्था की जानी चाहिए। इससे ऊंची इमारतों में लगने वाली आग पर नियंत्रण के साथ-साथ बचाव कार्य भी तेजी से किया जा सकेगा।
समिति ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बहुमंजिला इमारतों की संख्या को देखते हुए आधुनिक अग्निशमन उपकरण समय की जरूरत बन गए हैं।
त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
बैठक में घनी आबादी और संकरी गलियों वाले क्षेत्रों में बड़ी दमकल गाड़ियों के पहुंचने में होने वाली परेशानी पर चिंता जताई गई। इसके लिए अग्निशमन विभाग को फायर रेस्पॉन्स मोटरसाइकिल और त्वरित प्रतिक्रिया वाहन उपलब्ध कराने की मांग की गई।
समिति ने कहा कि आग लगने के शुरुआती 10 से 15 मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। आधुनिक उपकरण और तेज प्रतिक्रिया व्यवस्था होने से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
राज्य सरकार से रखी गई प्रमुख मांगें
एफजेसीसीआई की फायर एंड डिजास्टर सब-कमेटी ने राज्य सरकार और अग्निशमन विभाग के सामने कई मांगें रखने का निर्णय लिया है—
- रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो सहित प्रमुख शहरों में ऊंची इमारतों में आग बुझाने वाली आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई जाएं।
- अग्निशमन विभाग में आधुनिक उपकरणों के साथ पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित कर्मियों की नियुक्ति की जाए।
- व्यापारिक और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त अग्निशमन केंद्र एवं त्वरित प्रतिक्रिया इकाइयों की स्थापना की जाए।
एफजेसीसीआई ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि झारखंड की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अग्निशमन विभाग का जल्द आधुनिकीकरण किया जाए, ताकि नागरिकों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।
बैठक में एफजेसीसीआई के उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, राम बगार, संयुक्त सचिव रोहित पोद्दार, नवजोत आलंग, उपसमिति के चेयरमैन राहिल जफर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
