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Saturday, July 4, 2026

रांची एयरपोर्ट से उड़ानें घटाने पर चैम्बर की आपत्ति, बंद सेवाएं बहाल करने की मांग

रांची। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से पांच नियमित उड़ानों के अस्थायी रूप से बंद किए जाने पर फेडरेशन ऑफ झारखंड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने गहरी चिंता जताई है। चैम्बर ने कहा कि राज्य में हवाई यात्रा की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए उड़ानों की संख्या कम करने के बजाय नई सेवाएं शुरू की जानी चाहिए।

उड़ानें बढ़ाने और नई सीधी सेवाएं शुरू करने की मांग

चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि संगठन लंबे समय से रांची से जयपुर, गोवा, बागडोगरा-गुवाहाटी, वाराणसी-अमृतसर, सूरत और रायपुर के लिए सीधी विमान सेवाएं शुरू करने की मांग करता रहा है। इसके विपरीत मौजूदा उड़ानों को बंद किया जाना यात्रियों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि सावन माह शुरू होने से यात्रियों की संख्या और बढ़ेगी, इसलिए एयरलाइंस और संबंधित मंत्रालय को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए।

उन्होंने देवघर एयरपोर्ट से चेन्नई, हैदराबाद और अहमदाबाद के लिए भी जल्द सीधी उड़ानें शुरू करने की मांग की। उनका कहना था कि इससे बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ चिकित्सा, उद्योग और व्यापार से जुड़े यात्रियों को सुविधा मिलेगी तथा संताल परगना क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

यात्रियों की बढ़ती संख्या के बीच सेवाएं घटाना चिंताजनक

चैम्बर के उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने कहा कि बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से प्रतिवर्ष लगभग 27 लाख यात्री यात्रा कर रहे हैं। उद्योग, व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और चिकित्सा गतिविधियों के विस्तार के कारण हवाई यात्रा की जरूरत लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में उड़ानों का संचालन कम करना यात्रियों, व्यापारिक समुदाय और राज्य के आर्थिक विकास के लिए चिंता का विषय है।

सिविल एविएशन उप समिति के चेयरमैन दिनेश प्रसाद साहू ने बताया कि यात्रियों से सूचना मिली है कि रांची-भुवनेश्वर की दैनिक उड़ान भी अब सप्ताह में केवल चार दिन संचालित होगी। उन्होंने रथ यात्रा और सावन के मद्देनजर बंद की गई उड़ानों को दोबारा शुरू करने की मांग की।

उन्होंने अंतिम समय में उड़ानें रद्द किए जाने पर भी चिंता जताते हुए कहा कि लगातार बढ़ते हवाई किराए के बीच कई बार उड़ान से एक-दो घंटे पहले फ्लाइट रद्द कर दी जाती है, जिससे परिवारों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों और इलाज के लिए यात्रा कर रहे लोगों को भारी परेशानी होती है। उन्होंने मांग की कि अंतिम समय में उड़ान रद्द होने पर प्रभावित यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था संबंधित एयरलाइन की जिम्मेदारी तय की जाए और नागरिक उड्डयन मंत्रालय तथा डीजीसीए इस संबंध में कड़े दिशा-निर्देश जारी करें।

इधर, उप समिति के चेयरमैन श्रवण राजगढ़िया ने रांची से दुबई और बैंकॉक जैसे अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए संभावित सीधी उड़ानों की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट पर स्थायी कस्टम और इमिग्रेशन सुविधाएं विकसित होने से व्यापार, उद्योग, पर्यटन, निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा तथा झारखंड की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।

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