काठमांडू। नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व वित्त मंत्री विष्णु पौडेल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए नेपाल सरकार और संबंधित एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
सरकार और एजेंसियों से मांगा जवाब
काठमांडू। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश श्रीकांत पौडेल की एकल पीठ ने गुरुवार को नेपाल सरकार, नेपाल पुलिस और संपत्ति शुद्धिकरण विभाग को लिखित जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया। अदालत ने पूछा है कि याचिकाकर्ता द्वारा मांगी गई जमानत क्यों नहीं दी जानी चाहिए।
यह याचिका विष्णु पौडेल की पत्नी डोमाया पौडेल ने बुधवार को दायर की थी। याचिका में उनकी गिरफ्तारी और हिरासत को चुनौती देते हुए तत्काल रिहाई की मांग की गई है।
गैरकानूनी हिरासत का आरोप
याचिका में दावा किया गया है कि विष्णु पौडेल को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया है। साथ ही उनकी निरंतर हिरासत पर रोक लगाने और उन्हें रिहा करने का आदेश देने की मांग की गई है।
मामले में विशेष अदालत, प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, नेपाल पुलिस और संपत्ति शुद्धिकरण विभाग को प्रतिवादी बनाया गया है।
22 जून को हुई थी गिरफ्तारी
पूर्व वित्त मंत्री विष्णु पौडेल को 22 जून को सुर्खेत से गिरफ्तार किया गया था। उस समय वह अपनी पार्टी के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।
गिरफ्तारी के बाद से वह जांच एजेंसियों की पूछताछ और जांच का सामना कर रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई में संबंधित एजेंसियों को अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा।
