नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान हुई हिंसा, सड़क जाम और न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के मामले में एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान मोथबाड़ी क्षेत्र के स्थानीय राजनीतिक नेता सायेम चौधरी उर्फ बाबू चौधरी के रूप में हुई है।
अब तक 30 आरोपित गिरफ्तार
नई दिल्ली। एनआईए ने गुरुवार को बताया कि सायेम चौधरी को कोलकाता स्थित एजेंसी के शाखा कार्यालय में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। इस मामले में अब तक कुल 30 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एजेंसी विधानसभा चुनाव से पहले मालदा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान हुई हिंसा, भीड़ प्रदर्शन और न्यायिक अधिकारियों को अवैध रूप से बंधक बनाए जाने से जुड़े एक दर्जन से अधिक मामलों की जांच कर रही है।
न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने का आरोप
जांच में सामने आया है कि सायेम चौधरी एक अप्रैल को बीडीओ कार्यालय, ब्लॉक-द्वितीय में न्यायिक अधिकारियों को अवैध रूप से रोककर रखने की घटना का प्रमुख आरोपित है। वह उस भीड़ का हिस्सा था जिसने कानून-व्यवस्था को बाधित किया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला किया था।
इस हमले में नौ पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
हिंसा के लिए लोगों को उकसाने का आरोप
एनआईए के अनुसार, आरोपित ने घटना से एक दिन पहले बीडीओ कार्यालय के सामने भाषण देकर लोगों को हिंसक प्रदर्शन के लिए उकसाया था। उसने अन्य सह-आरोपितों के साथ मिलकर साजिश रची और एसआईआर अभियान के दौरान हिंसा, धमकी तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने वाली गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई।
बड़ी साजिश की जांच जारी
एनआईए ने कहा कि अप्रैल में मालदा में हुई चुनाव पूर्व हिंसा के पीछे की व्यापक साजिश का पता लगाने और सभी आरोपितों की पहचान करने के लिए जांच जारी है।
गौरतलब है कि एजेंसी ने उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर इन मामलों की जांच शुरू की थी। न्यायालय ने अप्रैल में हुई हिंसा का स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के आदेश दिए थे।
