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Wednesday, June 24, 2026

नेपाल-चीन के बीच पहली अंतरदेशीय बिजली प्रसारण लाइन बनने की उम्मीद मजबूत, निर्णायक चरण में पहुंची परियोजना

काठमांडू, 24 जून । नेपाल और चीन के बीच पहली अंतरदेशीय विद्युत प्रसारण लाइन (Cross-Border Power Transmission Line) के निर्माण की उम्मीदें अब बेहद मजबूत हो गई हैं। नेपाल सरकार ने लंबे समय से चर्चा में रही ‘चिलिमे–केरुङ–जिलोङ 220 केवी अंतरदेशीय प्रसारण लाइन’ के कार्यान्वयन के लिए चीन को औपचारिक ‘लेटर ऑफ रिप्लाई’ (Letter of Reply) भेजने का निर्णय लिया है। इस रणनीतिक कदम के साथ ही यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है।

ऊर्जा क्षेत्र में नेपाल की ऐतिहासिक उपलब्धि

वर्तमान में नेपाल का अंतरराष्ट्रीय बिजली व्यापार पूरी तरह से भारतीय ग्रिड और प्रसारण प्रणाली पर निर्भर है। हाल ही में नेपाल ने बांग्लादेश के साथ भी बिजली व्यापार की शुरुआत की है। ऐसे में उत्तरी पड़ोसी चीन के साथ सीधी ट्रांसमिशन लाइन से जुड़ना नेपाल के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक गेम-चेंजर और ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है।

परियोजना का रूट और मुख्य विशेषताएं

  • रूट: यह प्रस्तावित बिजली लाइन चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (TAR) के सिगात्से स्थित प्रमुख व्यापारिक केंद्र ‘जिलोङ काउंटी’ से शुरू होगी। वहां से रसुवागढ़ी सीमा होते हुए यह नेपाल के रसुवा स्थित ‘चिलिमे हब’ तक पहुंचेगी।

  • लंबाई: इस पूरी परियोजना की कुल लंबाई लगभग 120 किलोमीटर होगी। इसमें से करीब 94 किलोमीटर का हिस्सा चीन की सीमा में और लगभग 26 किलोमीटर का हिस्सा नेपाल के भूभाग में पड़ेगा।

  • बदलाव: परियोजना प्रमुख कोमलनाथ आत्रेय के अनुसार, शुरुआती योजना में दोनों देशों को अपने-अपने क्षेत्र में निर्माण करना था। हालांकि, बाद में चीन ने नेपाल वाले 26 किमी के हिस्से को भी अनुदान (Grants) के तहत खुद बनाने का प्रस्ताव दिया, जिससे इसके कार्यान्वयन मॉडल में सकारात्मक बदलाव आया है।

बीआरआई (BRI) के तहत नेपाल का पहला ठोस प्रोजेक्ट

वर्ष 2017 से ही विभिन्न प्रधानमंत्रियों (कृष्ण बहादुर महरा, पुष्पकमल दाहाल और केपी शर्मा ओली) के चीन दौरों पर इस परियोजना को लेकर लगातार सहमतियां बनती रहीं।

परियोजना प्रमुख के मुताबिक, दोनों देशों के बीच अंतिम कार्यान्वयन समझौते (Implementation Agreement) की तैयारियां अंतिम दौर में हैं और सरकार का पत्र मिलते ही इस पर हस्ताक्षर कर काम शुरू कर दिया जाएगा।

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