विकास परियोजनाओं, सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा समेत कई अहम मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बनी सहमति
उलानबटोर/नई दिल्ली| विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर अपनी चार दिवसीय आधिकारिक विदेश यात्रा के पहले चरण में सोमवार को मंगोलिया की राजधानी उलानबटोर पहुंचे। वहां उन्होंने मंगोलिया की विदेश मंत्री बत्त्सेत्सेग बैटमुंख (Battsetseg Batmunkh) के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की। दोनों नेताओं के बीच भारत-मंगोलिया रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम देने के साथ-साथ विकास परियोजनाओं और क्षेत्रीय सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा हुई।
रणनीतिक साझेदारी और नए क्षेत्रों में अवसर
बैठक के बाद विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर इस मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। वार्ता के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
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समीक्षा: दोनों नेताओं ने क्षमता निर्माण (Capacity Building), संस्कृति, शिक्षा, सुरक्षा और बहुपक्षीय मंचों पर आपसी सहयोग की प्रगति की समीक्षा की।
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नए सेक्टर्स: भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए खनन (Mining), स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) और कृषि प्रसंस्करण (Agro-processing) के क्षेत्रों में नए अवसरों और निवेश को लेकर रणनीतिक चर्चा की गई।
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आध्यात्मिक संबंध: जयशंकर ने जोर देकर कहा कि भारत, मंगोलिया का ‘तीसरा पड़ोसी’ और एक मजबूत ‘आध्यात्मिक साझेदार’ है। भारत इस घनिष्ठ व सौहार्दपूर्ण रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
चार दिवसीय विदेश यात्रा का अगला पड़ाव: दक्षिण कोरिया
विदेश मंत्रालय के अनुसार, डॉ. जयशंकर 22 और 23 जून को मंगोलिया में रहेंगे, जहाँ वे देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ अन्य शिष्टाचार मुलाकातें भी करेंगे।
इसके बाद, यात्रा के दूसरे चरण में विदेश मंत्री 24 और 25 जून को दक्षिण कोरिया के लिए रवाना होंगे। वहां वे दक्षिण कोरियाई समकक्ष चो ह्यून के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और 25 जून को जेजू द्वीप पर आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित ‘शांति और समृद्धि के लिए जेजू फोरम’ (Jeju Forum for Peace and Prosperity) में मुख्य भाषण (Keynote Address) देंगे।
