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Thursday, June 11, 2026

विदेश फरार अपराधियों की प्रोफाइलिंग शुरू: झारखंड के गैंगस्टरों के प्रत्यर्पण में मदद करेगा इंटरपोल

रांची। झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब राज्य पुलिस विदेश में बैठकर आपराधिक साम्राज्य चलाने वाले अन्य अपराधियों के खिलाफ बड़े एक्शन की तैयारी में है। मयंक सिंह की तर्ज पर विदेश में पनाह लेकर झारखंड में रंगदारी और आतंक फैलाने वाले भगोड़ों को वापस लाने के लिए एक बड़ी कवायद शुरू की गई है। इसके तहत अब ऐसे सभी अपराधियों की विस्तृत प्रोफाइलिंग की जा रही है, ताकि इंटरपोल की मदद से उनका प्रत्यर्पण (Extradition) कराया जा सके।

सीआईडी ने सभी जिलों के कप्तानों को लिखा पत्र, मांगा पूरा ब्यौरा

अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने झारखंड के सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को पत्र लिखकर विदेश फरार हो चुके भगोड़े अपराधियों की पूर्ण विवरणी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। सीआईडी मुख्यालय द्वारा जारी इस पत्र में कहा गया है कि विभिन्न देशों में छिपे गैंगस्टरों के प्रत्यर्पण के लिए उनकी मजबूत प्रोफाइल तैयार कर जल्द से जल्द मुख्यालय भेजी जाए। मिली जानकारी के अनुसार, कई जिलों ने अपने यहां के ऐसे अपराधियों की लिस्ट और प्रोफाइल बनाकर सीआईडी मुख्यालय को भेज भी दिया है।

विशेष फॉर्मेट में जुटाई जा रही हैं अपराधियों की ये जानकारियां

अपराधियों के प्रत्यर्पण के कानूनी दांव-पेचों को मजबूत करने के लिए सीआईडी ने बाकायदा एक विशेष फॉर्मेट तैयार किया है। इस फॉर्मेट के तहत जिला पुलिस को फरार अपराधी से जुड़ी निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध करानी हैं:

  • अपराधी का पूरा नाम और उसके पिता का नाम।

  • उसका पासपोर्ट नंबर और हालिया साफ-सुथरी रंगीन फोटो।

  • झारखंड के विभिन्न थानों में दर्ज मामलों की पूरी सूची और वर्तमान स्टेटस।

  • अपराधी का वर्तमान विदेशी लोकेशन (यदि ज्ञात हो) कि वह किस देश में छुपा है।

  • यदि उपलब्ध हो, तो अपराधी के फिंगरप्रिंट्स (उंगलियों के निशान)।

चार मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किए जाएंगे अपराधी

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई के लिए सीआईडी ने इन अपराधियों को उनके अपराध की प्रकृति के आधार पर चार मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत करने का निर्देश दिया है:

  1. काउंटर टेररिज्म व संगठित अपराध: इस पहली श्रेणी में आतंकी गतिविधियों और संगठित आपराधिक गिरोह (गैंगस्टर) चलाने वालों को रखा गया है।

  2. नारकोटिक्स: दूसरी श्रेणी में नशीले पदार्थों और ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय या अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़े अपराधियों को शामिल किया जाएगा।

  3. आर्थिक अपराध: तीसरी श्रेणी में वित्तीय धोखाधड़ी, बैंक घोटालों और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों को अंजाम देकर विदेश भागने वाले शामिल हैं।

  4. साइबर क्राइम व मानव तस्करी: चौथी श्रेणी में साइबर अपराध, मानव तस्करी और अन्य प्रकृति के गंभीर मामलों के आरोपियों को रखा गया है।

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