रांची : झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक में चपरासियों की बहाली के नाम पर वर्षों से डेली वेजेस कर्मियों को रखा गया है। यह स्थिति तब से चली आ रही है जब बैंक का नाम रांची क्षेत्र ग्रामीण बैंक था, बाद में झारखंड ग्रामीण बैंक और वर्तमान में झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक बना। इन कर्मियों को अब तक स्थायी (परमानेंट) नहीं किया गया है, जिससे उनका शोषण लगातार जारी है।
इसी पृष्ठभूमि में झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक पेंशनर्स एसोसिएशन के महासचिव नवल किशोर वर्मा एवं झारखंड ग्रामीण बैंक के पूर्व नेता राजकुमार नीरज की सोच और पहल पर “झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक दैनिक मजदूर संघ” का गठन किया गया है, जो AITUC से संबद्ध है।
आज इस नवगठित संगठन की बैठक, झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक पेंशनर्स एसोसिएशन के केंद्रीय कार्यालय अमरूद बागान में हुई, जिसकी अध्यक्षता महासचिव नवल किशोर वर्मा ने की।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बैंक प्रबंधन और भारत सरकार के वित्त मंत्रालय से वार्ता की जाएगी, और यदि आवश्यक हुआ तो न्यायालय की शरण भी ली जाएगी। संगठन ने स्पष्ट किया कि दैनिक मजदूरों के अधिकार और स्थायीकरण की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
आगे की रणनीति पर विचार आगामी बैठक में किया जाएगा। इसकी पूर्व सूचना सभी प्रेस प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी।


