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Saturday, May 2, 2026

मेसरा बस्ती में 163 वर्षों से जारी है मां रक्षा काली की पूजा, 16 अप्रैल को होगा भव्य आयोजन

रांची। राजधानी के मेसरा बस्ती में भक्ति और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। यहाँ इस वर्ष भी 16 अप्रैल को मां रक्षा काली की पूजा पूरे धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई जाएगी। यह परंपरा किसी सार्वजनिक आयोजन भर नहीं, बल्कि एक परिवार की अटूट आस्था की कहानी है जो पिछले डेढ़ दशक से भी अधिक समय से निरंतर चली आ रही है।

163 साल पुरानी है विरासत
शेखर परिवार की कुलदेवी के रूप में शुरू हुई यह पूजा आज अपनी भव्यता के लिए जानी जाती है। पिछले 163 वर्षों से बिना किसी रुकावट के यह आयोजन हो रहा है। पूर्वजों द्वारा शुरू की गई इस आध्यात्मिक विरासत को आज की पीढ़ी भी उसी निष्ठा और विधि-विधान के साथ निभा रही है।

पूजा का कार्यक्रम और आकर्षण
मुख्य पूजा: 16 अप्रैल की रात ठीक 12:00 बजे तांत्रिक और वैदिक विधि-विधान के साथ मां रक्षा काली की पूजा शुरू होगी।
विसर्जन: अगले दिन यानी 17 अप्रैल को शाम 7:00 बजे मां की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।
श्रद्धालुओं का हुजूम: इस पूजा की मान्यता इतनी अधिक है कि केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर मेसरा पहुंचते हैं।

आयोजन की तैयारियां तेज़
आयोजन समिति के अध्यक्ष भगवान शेखर और रघुनंदन शेखर सहित शेखर परिवार के सभी सदस्य तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। उनके अनुसार, यह पूजा केवल उनके परिवार की नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की सुख-शांति और रक्षा के लिए की जाती है। साधकों का मानना है कि मां रक्षा काली की कृपा से ही यह क्षेत्र सुरक्षित और समृद्ध है।

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