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Tuesday, March 24, 2026

विश्व टीबी दिवस: झारखंड की 455 पंचायतें ‘टीबी मुक्त’ घोषित, 2030 तक बीमारी को जड़ से मिटाने का लक्ष्य

रांची | आज विश्व टीबी दिवस के अवसर पर झारखंड ने टीबी उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के निरंतर प्रयासों के चलते राज्य की 455 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कर दिया गया है। इस वर्ष की थीम ‘Yes! We Can End TB–Led by Bharat, Powered by Janbhagidari’ के साथ जनभागीदारी के जरिए इस बीमारी को समाप्त करने का संकल्प लिया गया है।

90% की शानदार रिकवरी रेट
झारखंड के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश कुमार ने जानकारी दी कि राज्य में टीबी मरीजों के ठीक होने की दर (सफलता दर) 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह राष्ट्रीय लक्ष्य (85%) से भी बेहतर प्रदर्शन है।

2025 का डेटा: पिछले वर्ष राज्य में 9,49,254 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई।

मरीजों की पहचान: जांच के दौरान 67,049 नए टीबी मरीजों की पहचान कर उनका तुरंत इलाज शुरू किया गया।

गांव-गांव तक पहुंची जांच की सुविधा
राज्य सरकार ने टीबी की जांच को सुलभ बनाने के लिए ब्लॉक स्तर तक बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है. राज्य भर में 389 बलगम जांच केंद्र और 41 CB-NAAT जांच केंद्र संचालित हैं। 177 True-nat मशीनें प्रखंड स्तर पर काम कर रही हैं। रांची और धनबाद में दो अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं ड्रग रेजिस्टेंट टीबी की पहचान कर रही हैं।

मरीजों को मिल रही आर्थिक और पोषण सहायता
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मरीजों के खान-पान का भी खास ख्याल रखा जा रहा है:

निक्षय पोषण योजना: मरीजों को इलाज के दौरान हर महीने 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है।

निक्षय मित्र: इस पहल के तहत अब तक 1,14,739 फूड बास्केट बांटे जा चुके हैं।

टीबी फोरम: सामुदायिक जागरूकता के लिए सभी पंचायतों में ‘टीबी फोरम’ का गठन किया गया है।

जोखिम वाले समूहों के लिए विशेष अभियान
NHM झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि आज से एक विशेष स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, मधुमेह (Diabetes) और HIV प्रभावित व्यक्तियों की जांच होगी।खनन और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की एक्स-रे स्क्रीनिंग कर संभावित मामलों की पहचान की जाएगी।

अपील: स्वास्थ्य विभाग ने राज्यवासियों से आग्रह किया है कि यदि 2 हफ्ते से ज्यादा खांसी हो, तो तुरंत नजदीकी केंद्र पर मुफ्त जांच कराएं। सामूहिक सहयोग से ही हम झारखंड को टीबी मुक्त बना सकते हैं।

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