पूर्वी सिंहभूम। शहर में रविवार को भक्ति, सामाजिक चेतना और एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। अखिल भारतीय धोबी महासंघ और संत गाडगे जागृति मंच, जमशेदपुर के संयुक्त तत्वावधान में संत गाडगे जयंती शोभा यात्रा सह भीम समागम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के कई लोगों ने भाग लेकर एकजुटता का परिचय दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी ने अपने संबोधन में शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की असली ताकत उसकी शिक्षा और एकता में निहित होती है। जब तक समाज का युवा शिक्षित और संगठित नहीं होगा, तब तक वास्तविक प्रगति संभव नहीं है। उन्होंने संत गाडगे और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को आज भी प्रासंगिक बताते हुए कहा कि उनके आदर्शों पर चलकर ही समाज आत्मनिर्भर और सम्मानित बन सकता है।
विधायक ने कहा कि संत गाडगे ने स्वच्छता, सेवा और सामाजिक सुधार का जो संदेश दिया, वह आज के समय में और भी महत्वपूर्ण हो गया है। वहीं बाबा साहेब के संविधान और उनके संघर्षों ने वंचित समाज को अधिकार और सम्मान दिलाने का रास्ता दिखाया। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करें और समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बनें।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित राजद नेत्री एवं समाज की संरक्षक शारदा देवी ने भी संत गाडगे के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि आज समाज के युवाओं का शिक्षित होना बाबा साहेब के कानून और संत गाडगे की आदर्शवादी सोच का परिणाम है। उन्होंने समाज को जागृत होकर इन महान विभूतियों के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की तथा कार्यक्रम में विधायक मंगल कालिंदी की सहभागिता के लिए आभार जताया।
शोभा यात्रा बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए सीएच एरिया स्थित संत गाडगे मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान जगह-जगह समाज के लोगों ने पुष्पवर्षा और स्वागत कर श्रद्धा प्रकट की।


