34 C
Kolkata
Friday, April 24, 2026

मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है : नीलकंठ सिंह मुंडा

खूंटी। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर राज्य के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा के लेविन बागान स्थित आवास पर बुधवार को पारंपरिक दही–चूड़ा भोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के कई प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य पर्व की सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत रखना और आपसी सौहार्द एवं सामाजिक एकता को मजबूत करना था।
दही–चूड़ा भोज में भाजपा के जिलाध्यक्ष आनन्द कुमार, पूर्व जिलाध्यक्ष काशीनाथ महतो, जिला महामंत्री निखिल कंडुलना, रूपेश जायसवाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और आमजन शामिल हुए। अतिथियों ने एक-दूसरे को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। पूरे आयोजन के दौरान उत्सवपूर्ण और आत्मीय माहौल देखने को मिला।
इस मौके पर पूर्व मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। दही–चूड़ा भोज झारखंड और बिहार सहित पूर्वी भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है, जो समाज को जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता, भाईचारे और आपसी संवाद को बढ़ावा देते हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष आनन्द कुमार ने भी मकर संक्रांति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व नई ऊर्जा, नई सोच और सकारात्मक बदलाव का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक व्यस्तताओं के बीच इस तरह के पारंपरिक आयोजनों से कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों को आपस में जुड़ने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने आयोजन की सराहना की और पूर्व मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा को इस सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। भोज में शामिल लोगों के बीच आपसी मेल-मिलाप और सौहार्द का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

Related Articles

नवीनतम लेख