मोतिहारी। कल्याणपुर प्रखंड के कैथवलिया में 17 जनवरी को विश्व के सबसे ऊंचे शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। इस अवसर पर हेलिकॉप्टर से मानसरोवर, गंगोत्री, यमुनोत्री और हरिद्वार समेत पांच नदियों का पवित्र जल अभिषेक के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
शिवलिंग को तमिलनाडु के महाबलीपुरम से एक ही ग्रेनाइट पत्थर से तैयार किया गया है। यह 33 फीट ऊंचा और 210 मीट्रिक टन वजनी है। इसे लाने के लिए 96 चक्कों वाली हैवी ट्रक का इस्तेमाल किया गया। स्थापना के लिए भोपाल से 750 टन क्षमता वाली दो विशाल क्रेन मंगाई गई हैं, जो 15 जनवरी तक कैथवलिया पहुंच जाएंगी।
विराट रामायण मंदिर परिसर में होने वाले इस कार्यक्रम में विशेष आचार्य और साधु-संत शामिल होंगे। पूजा कार्यक्रम सुबह 8 बजे से शुरू होगा और दोपहर 12:30 बजे विधिवत शिवलिंग की स्थापना होगी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत शिवलिंग के चारों ओर छह फीट का क्षेत्र आम लोगों के लिए बंद रखा जाएगा।विराट रामायण मंदिर का निर्माण महावीर मंदिर न्यास समिति द्वारा किया जा रहा है। यह मंदिर 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा, जिसमें कुल 18 शिखर और 22 मंदिर होंगे। मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट है।
शिवलिंग स्थापना समारोह में बिहार के राज्यपाल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।


