31 C
Kolkata
Thursday, May 14, 2026

झारखंड के विश्वविद्यालयों को जल्द मिल सकता है स्थायी नेतृत्व, 15 जनवरी से शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया

रांची। झारखंड के सरकारी विश्वविद्यालयों में लंबे समय से बनी प्रशासनिक अस्थिरता अब खत्म होने की उम्मीद दिखने लगी है। लोकभवन स्तर पर संकेत मिले हैं कि 15 जनवरी 2026 से कुलपति और प्रतिकुलपति की नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। अगर तय समय पर प्रक्रिया पूरी होती है, तो इसी महीने राज्य के कई विश्वविद्यालयों को स्थायी शैक्षणिक नेतृत्व मिल सकता है।

फिलहाल राज्य के कई प्रमुख विश्वविद्यालयों में शीर्ष पद खाली पड़े हैं। रांची विश्वविद्यालय, डीएसपीएमयू, जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी और पंडित रघुनाथ मुर्मू विश्वविद्यालय में कुलपति का पद लंबे समय से रिक्त है। वहीं रांची, कोल्हान, नीलांबर-पीतांबर, विनोबा भावे, सिदो-कान्हू मुर्मू और विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालयों में प्रतिकुलपति की नियुक्ति नहीं हो सकी है। विश्वविद्यालयों के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। योग्य उम्मीदवारों की प्रारंभिक जांच भी हो चुकी है और अब चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में सर्च कमेटी उम्मीदवारों से संवाद करेगी, जिसके बाद नामों का पैनल तैयार कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

नियमित नियुक्तियों के अभाव में विश्वविद्यालयों का कामकाज प्रभारी व्यवस्था के भरोसे चल रहा है। रांची विश्वविद्यालय और डीएसपीएमयू का प्रभार अभी झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति के पास है, जबकि जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी की जिम्मेदारी कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति संभाल रहे हैं। इससे शैक्षणिक योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों पर असर पड़ रहा है।

Related Articles

नवीनतम लेख